Ayurveda Health Tips: सावन में व्रत रखने से बहुत सी बीमारिया होंगी दूर!

Ayurveda Health Tips: सावन का महीना धूम धाम से शुरू हो चुका है मौसम में भी हरियाली और ठंडक फैल चुकी है। ऐसे तो सावन का महीना को बहुत ही पवित्र माना जाता है पर सावन एक बारिश का महीना है जो की बारिश के साथ साथ बीमारियों का भी सौगात लाता है. ऐसे में यह बहुत जरुरी है की आप अपने सेहत का बहुत ही अच्छे से और संभाल कर ख्याल रखे. इससे बचने के लिए हमें हप्ते में एक दिन जरूर फलहार करना चाहिए जिससे की आपकी सेहत अच्छी और स्वस्थ बनी रहे !

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आयुर्वेद में व्रत करना अच्छा क्यू माना जाता है? | Ayurveda Health Tips

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Ayurveda Health Tips: शरीर के रोगो का मुख्य कारण शरीर में जमा हुआ विषेल तत्वा है जो की रोगो को बढ़ाने में मदद करता है. व्रत शरीर के इन् जमे हुए तत्वों को शरीर से निकलने में सहायक होता है इससे रोगो से शरीर का शुद्धिकरण होता है और मानशिक स्वस्थ भी सुधरता है! व्रत करने से हमें मानसिक शांति भी मिलती है और हम रिलैक्स महसूस करते है. हर इंसान को हप्ते में एक दिन व्रत जरुर करना चाहिए. इससे हमारा पचा तंत्र भी हेअल्थी रहता है !

व्रत हमें किन बीमारियों से बचाता है ? Ayurveda Health Tips

Ayurveda Health Tips: व्रत करने से हमारे शरीर से कई सारे रोग मुक्त होते है. व्रत करने से हमारा शरीर एकदम स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है. व्रत करने से किन किन बीमारियों से हम दूर रहते है निचे पॉइंट्स में पढ़े !

  • इंसुलिन प्रतिरोध को कम करके रक्त शर्करा नियंत्रण को बढ़ावा देता है- कई अध्ययनों से पता चला है कि उपवास से रक्त शर्करा नियंत्रण में सुधार हो सकता है, जो मधुमेह के खतरे वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। उपवास के संभावित रक्त शर्करा-कम करने वाले प्रभावों के साथ मिलकर, यह आपके रक्त शर्करा के स्तर में स्पाइक्स और क्रैश को रोकने, आपके रक्त शर्करा को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
  • सूजन से लड़कर बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है: शोध से पता चलता है कि सूजन हृदय रोग, कैंसर और संधिशोथ जैसी पुरानी स्थितियों के विकास में शामिल हो सकती है!

  • रक्तचाप, ट्राइग्लिसराइड्स और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ा सकता है:  उपवास रक्तचाप, साथ ही रक्त ट्राइग्लिसराइड्स, कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी कम करने में सक्षम है।

  • मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ावा दे सकता है और न्यूरोडीजेनेरेटिव विकारों को रोक सकता है: अध्ययनों से पता चला है कि उपवास मस्तिष्क के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकता है और संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाने में मदद करने के लिए तंत्रिका कोशिकाओं की पीढ़ी को बढ़ा सकता है!

  • कैलोरी सेवन सीमित करके और चयापचय को बढ़ाकर वजन घटाने में सहायता करता है: अल्पकालिक उपवास न्यूरोट्रांसमीटर नॉरपेनेफ्रिन के स्तर को बढ़ाकर चयापचय को बढ़ावा दे सकता है, जिससे वजन घटाने में वृद्धि हो सकती है!

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